thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच

thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच
thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच

thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच


thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच

हेलो दोस्तों देखो यह बात तो हम सभी जानते है कि कोई भी आदमी जन्म से अमीर नहीं होता।और ना हीं उसके पास शुरू में कोई ऐसा सोर्स होता है जो उसे फटाफट अमीर बना दे। वो अपने माइंडसेट कुछ इस तरह से बना लेते हैं जिससे वो आगे चलकर एक सफल इंसान बन ही जाते हैं। और यही फर्क होता है।

एक गरीब और एक अमीर इंसान में अब यह मत सोचना कि मैं यहां पर अमीरी और गरीबी में डिफरेंस कर रहा हूं। मैं बात कर रहा हूं एक गरीब और अमीर इंसान के माइंड सेट के बारे में क्योंकि कई सारे लोगो के एक्जाम्पल आप ने सुन रखे होंगे जो बहुत ही ज्यादा गरीबी में पैदा हुए थे और आज वह करोड़पति या अरबपति की श्रेणी में आते है। और आज 99topnews.com के इस ब्लॉग में हम उन्ही डिफरेंसेज के बारे में बात करने वाले है।

thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच


और आज हम उन्हीं के बारे में बात करने वाले हैं जो कि एक अमीर और गरीब मेंटालिटी वाले लोगों में हमेशा देखने को मिलते हैं। और आगे चलकर यही मेंटेलिटी उनको एक गरीब या फिर अमीर इंसान बना ती है तो चलिए शुरू करते हैं।

Poor people only save their Money
Rich people invest their Money

Poor Mentality वाले लोग सिर्फ Saving पर ही फोकस करते हैं जबकि रिच मेंटालिटी वाले लोग उस पैसे को इन्वेस्ट करते हैं। पैसे को सेव करना बहुत इंपॉर्टेंट है और यह लोगों को जरूर करना चाहिए। लेकिन आप लंबे समय तक अपने पैसे को केवल सेव करते रहेंगे तो आने वाले 10 साल बाद भी आप अपने आपको उसी लेवल पर पाएंगे। इसको एक एक्जाम्प से समझते हैं।


एक नॉर्मल नहाने के साबुन की कीमत आज 18 से ₹25 है लेकिन इसी सोप को जब हम 10 साल पहले खरीदते थे तो यह उस वक्त 10 से ₹12 में हमें आराम से मिल जाता था अब 10 साल के अंदर इसके प्राइस में इतना डिफरेंस आ गया है तो यह तो यह तो हम अच्छे से जानते ही है कि आने वाले 10 साल बाद और महंगा हो जाएगा और इसी चीज को समझते हैं रिच मेंटेलिटी वाले लोग। सेविंग वह लोग भी करते है।

पर सही टाइम आने पर वह उस पैसे को एक ऐसी जगह पर इन्वेस्ट कर देते हैं जो उनको फ्यूचर में डबल प्रॉफिट लाकर देती है। उधर पुअर मेंटालिटी वाले लोग सिर्फ सेविंग पर टिके रहते हैं और अपना एक-एक पैसा बचाने के लिए वह अपने घंटे बर्बाद कर देते हैं जबकि हमें यह अच्छी तरह से पता है कि समय की वैल्यू पैसों से कहीं ज्यादा है। यहां में यह नही कह रहा हूँ की सेविंग करना गलत बात है।

पर हमेसा ही केवल सेविंग करना वो भी लंबे समय के लिए, कभी भी आप को बेनिफिट नहीं पहुंचाने वाला। इसकी बजाय आप उन पेसो को अगर सही जगह पर इन्वेस्ट करते हैं तो आप फ्यूचर में कई अलग अलग इनकम के सोर्स को जनरेट कर सकते हैं।


Poor people give Excuses

thinking of rich and poor people अमीर और गरीब लोगों की सोच

Rich people find Solution
अगले पॉइंट कहता है, पुअर मेंटालिटी वाले लोग सिर्फ एक्सयूसी ढूंढते हैं जबकि रिच मेंटालिटी वाले लोग उसका सलूशन। इसको रक एजाम्पल सेसमजते है- स्टीव और जॉन दोनों फ्रेंड है और एक साथ एक ही कंपनी में काम किया करते थे।

लेकिन एक दिन उनकी लाइफ में एक ऐसा मोमेंट आया किसी रीजन के चलते उन दोनों को ही उस कंपनी से बाहर निकाल दिया गया जो कि उन दोनों की ही लाइफ का एक सबसे बुरा मोमेंट था लेकिन कुछ टाइम बाद ही वो किसी दूसरी कंपनी में भी अपने इंटरव्यू देने गए लेकिन वहां से भी उनको रिजेक्ट कर दिया गया।

अब दो रिजेक्शन मिलने के बाद ही जॉन ने यह डिसाइड कर लिया इतनी बड़ी कंपनीज वालों के बहुत ज्यादा नखरे होते हैं इससे तो अच्छा होगा कि मैं किसी छोटी-बड़ी कंपनी में काम करके अपनी जिंदगी को आराम से जी लू। पर स्टीव अपनी सारी कमियों को सुधारते हुए अलग-अलग कंपनी में जा कर इन्टरविव देता रहा ओर अंततः उसका एक ऐसी कंपनी में सलेक्शन हो गया।

thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच

जिसमें उसकी सेलेरी उस पिछली वाली कंपनी से भी ज्यादा थी। उधर दूसरी तरफ जॉन अपनी 10 से15 हजार की जॉब पर ही अटका रह गया। यही यह बहुत ही कॉमन सी चीज है जो कि गरीब मेंटालिटी वाले लोगों में हमेशा देखने को मिलती हैं यह लोग किसी काम को करने में अगर किसी वजह से फेल हो जाते हैं।

तो हार कर वह दूसरों को एक्सक्यूज देना शुरू कर देते हैं वही अमीर मेंटालिटी वाले लोग अपनी सभी गलतियों को एक मोटिवेशन की तरह लेते हैं और उसको इंप्रूव करके आगे बढ़ जाते हैं।

Poor people think for short term

thinking of rich and poor people अमीर और गरीब लोगों की सोच

Rich people think for long term

अगला पॉइंट कहता है गरीब मेंटेलिटी वाले लोग सिर्फ शार्ट टर्म के लिए सोचते हैं लेकिन अमीर मेंटालिटी वाले लोग एक लॉन्ग टाइम के लिए सोचते है। आपने कई लोगो से ऐसा कहते हुए जरूर सुना होगा की भाई बस यह नौकरी लग जाए बस फिर तो अपनी लाइफ सेट है। लेकिन नोकरी लग जाने के बाद भी वह लोग ज्यादा खुश नहीं रह पाते हैं। ऐसा होता है क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ एक शार्ट टर्म के लिए होता है।

उनका सिर्फ यही मानना होता है कि बस यह हो जाए फिर तो पूरी जिंदगी सिर्फ मौज है और वह इसी शॉर्ट टर्म गोल में फंस कर रह जाते हैं। वही रिच मेंटेलिटी वाले लोग शुरू से ही एक लोंग टर्म गोल सेट करते हैं और उस लोंग टर्म गोल को छोटे-छोटे पार्ट्स में डिवाइड कर देते हैं- एग्जांपल

3 Most Profitable Agriculture Business Ideas


YouTube के अंदर 1 दिन में हजारों लाखों नय चैनल क्रिएट होते हैं पर ऐसा क्यों होता है कि सिर्फ एक दो पर्सेंट लोग ही यूट्यूब के अंदर सफल हो पाते हैं।ऐसा इस लिए होता है क्योंकि वो अपने चैनल को लांग टर्म गोल के लिए ले कर चलते है। और वह इस गोल को छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड कर देते हैं मतलब शुरू में ही वह लाखों सब्सक्राइबर्स के सपने ना देकर के एक छोटे टारगेट सेट करते हैं।

और उसी पर फोकस करते हुए वह दिन-ब-दिन अपने कांटेक्ट को इंप्रूव करते रहते हैं और अपने अंदर पूरा पेशेंस रखने के बाद वह फाइनली अपने गोल को पूरा कर जाते हैं। संदीप महेश्वरी जो कि एक मोटिवेशनल स्पीकर है।

उन्होंने अपने सेमिनार में एक बार कहा था कि एक नाकाम इंसान वह नहीं होता जो कि बहुत बड़ा सोचे और उसमें बार-बार फेल होता रहे बल्कि एक नाकाम इंसान वो होता है जो कि बहुत छोटा सोचे और उसको अचीव कर ले। तो आपको अपनी लाइफ में अगर एक सक्सेसफुल इंसान बनना है तो वह एक शॉर्ट टर्म गोल से नहीं लोंग टर्म गोल से होगा।

अमीर और गरीब लोगों की सोच
Rich people buy Assets
Poor people buy Liabilities

अगले पॉइंट है। रिच मेंटेलिटी वाले लोग अपने लिए ज्यादा से ज्यादा असेट्स खरीदते हैं जबकि पुअर मेंटालिटी वाले लोग अपने लिए Liabilities । यहां सब से पहले तो मैं आपको यह बता देता हूं कि Assets औऱ Liabilities क्या होते हैं। असेट्स वो होते है जो कि आपको पैसे कमा कर के देते हैं।

जिसे की किराये पर घर देना, स्टॉक मार्केट में पैसा इन्वेस्ट करना या फिर कोई ऐसा बिजनेस करना जो कि आपका खुद का हो और आपके अंडर में बाकी लोग काम करें। मतलब दूसरे शब्दों में अगर कहा जाए तो पैसिव इनकम के सोर्सेस बनाना Liabilities वो होती है जो आप के पैसे को कम करवाती हैं।

thinking of rich and poor people || अमीर और गरीब लोगों की सोच

जैसे कि कोई महंगी कार खरीदना, कोई महंगा मोबाइल, या कोई बहुत ही महंगी घड़ी खरीदना यह सब ऐसी चीज़ें होती है जिनको खरीदने के बाद आपको इन पर बार-बार पैसा लगाना पड़ता है। रिच माइंड सेट वाले लोग Liabilities पर फोकस करने के बजाए असेट्स बनाने पर फोकस करते है।

ओर जब वो इतने असेट्स बना लेते है जिनसे उन अलग अलग जगह से पैसा आने लग जाते हैं तो उसके बाद ही Liabilities की और जाते हैं क्योंकि तब तक उनके पास इतना पैसे आने शुरू हो जाते हैं कि वह कितनी भी Liabilities खरीद लें उनके पास पैसों की जरा भी कमी नहीं होती।


तो दोस्तो यह थे कुछ ऐसी डिफरेंस जो कि एक अमीर और एक गरीब मेंटालिटी वाले लोगों में हमेशा देखने को मिलते हैं और जो भी उसको पहले समझ जाता है वही एक कामयाब इंसान बन पाता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *